Ranchod Das Paghi कौन थे | Ranchod Das Rabari Biography, Age

Ranchod Das Paghi कौन थे | Ranchoddas Paghi Biography

Bhuj Full Movie Download – Bhuj Movie Trailer, रणछोड़ दास रबारी कौन थे इस Blog में इस से जुड़ी सारी जानकारी मिल जाएगी रणछोड़ दास रबारी उन महान नायकों में से एक थे जिन्होंने 1971 का Bhuj Airbase युद्ध जितने में योगदान दिया जो कि पाकिस्तान के साथ हुआ था इस पर एक Movie भी release होने जा रही है जिसका नाम है Bhuj – The Pride Of India इसमें बहुत सारे Bollywoods Actores ने काम किया है जैसे कि Ajay Devgan, Nora Fatehi, Sanjay Dutt, Sonakhshi Sinha, etc.

रणछोड़ दास रबारी को पागी क्यों कहा जाता था

रणछोड़ दास रबारी गुजरात के भुज के रहने वाले थे जिन्हें पागी भी कहा जाता था पागी का अर्थ होता है मार्गदर्शक, पैरों ओर चिन्हों की पहचान करने वाला. रणछोड़ दास रबारी के पास एक अद्भुत कला से थी जिससे वह किसी के भी पांव के निशान देखकर यह बता सकते थे कि उसकी उम्र क्या है उसका वजन क्या है उसके समान पास समान कितना है और वह किस दिशा में गया है इसलिए उन्हें पागी कहा जाता था

उन्हें उनकी इसी कला को देखते हुए उन्हें भारतीय सेना में नियुक्त किया गया उस समय उनकी आयु 58 वर्ष की थी वह रेगिस्तान में पद चिन्हों को देख कर बता देते थे कि कौन कहां गया है और उसके पास कितना सामान है जिससे भारतीय सेना को पाकिस्तान के खिलाफ जीतने में बहुत आसानी हुई

रणछोड़ दास रबारी कहाँ के रहने वाले थे

Ranchod das rabri Biography

रणछोड़ दास गुजरात के बनासकांठा जिले के पाकिस्तान की सीमा से लगने वाले गांव पेठापुर गूथडो के निवासी थे वह भेड़ बकरी और ऊंट पालन का काम करते थे उनके जीवन में बदलाव तब आया जब जब उन्हें 58 वर्ष की उम्र में पुलिस ने मार्गदर्शक के रूप में नियुक्त किया उनमें इतना हुनर था कि ऊंट के पैरों के निशान देखकर बता देते थे कि उस पर कितने आदमी सवार हैं और कितना सामान लदा है, कितनी देर पहले का निशान है, और कितनी दूर तक गया होगा और किस दिशा में गया होगा इन सब बातों का अंदाजा वह लगा लेते थे

1200 पाकिस्तानी सैनिकों पर भारी पड़ गया था यह हिंदुस्तानी हीरो

1965 में युद्ध के आरंभ में पाकिस्तानी सेना ने गुजरात के सीमा पर स्थित विद कोट पर कब्जा कर लिया इस मुठभेड़ में लगभग 100 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे और भारतीय सेना की 10,000 सैनिकों की टुकड़ी को 3 दिन में चार कोड पहुंचना जरूरी था तब आवश्यकता पड़ी थी पहली बार रणछोड़ दास पागी की.

रेगिस्तान में उन्होंने अपने हुनर से पूरी सेना को 12 घंटे पहले विद कोट पहुंचा दिया था भारतीय सीमा में छिपे लगभग 1200 पाकिस्तानी सैनिकों और उनकी लोकेशन और उनके पग्गो को देख कर बता दी थी रास्ता दिखाने के साथ-साथ सेना तक गोला बारूद पहुंचाना भी रणछोड़ दास पाखी का काम था

रणछोड़ दास पाखी को 3 समान पदक मिले जोकि थे 65 और 71 के युद्ध में उनके योगदान के लिए, संग्राम पदक, समाज सेवा पदक और पुलिस पदक.

सन 108 वर्ष की उम्र में रणछोड़ दास रबारी ने Retirement ले ली और सन 2013 में 112 वर्ष की उम्र में रणछोड़ दास पागी का देहांत हो गया इस फिल्म में पागी का किरदार Sanjay Dutt निभा रहे हैं

क्यों फिर से हेलीकॉप्टर को एक पोटली के लिए नीचे उतारा गया?

माणिक शॉ जिनके चहेते रणछोड़ दास पागी थे वह उन दिनों माणिक शॉ हॉस्पिटल में थे और उन्होंने कहा कि वह अब खाना पगी के साथ खाएंगे तो पगी को बुलाने के लिए स्पेशल हेलीकॉप्टर भेजा गया जैसे ही हेलीकॉप्टर शुरू हुआ और उड़ने लगा तो हेलीकॉप्टर को फिर से नीचे उतारना पड़ा क्योंकि रणछोड़ दास राबरी की एक पोटली नीचे रह गई थी

कैप्टन द्वारा पूछे जाने पर उस पोटली में खोलकर जो देखा उसे कैप्टन की आंखें नम हो गई उसमें एक प्याज दो रोटी और एक बेसन का पकवान था जिसे राबड़ी ने मानिक साहब के साथ मिलकर खाया

Bhuj Movie Trailer

इस सत्य घटना पर आधारित है Bhuj Movie

दोस्तों कई ऐसे गुमनाम हीरो हैं जिनकी कहानियां तक हम तक नहीं पहुंची है वहीं कुछ ऐसे भी हैं जिनके जिंदा होने के बावजूद भी उनकी कहानी हम तक नहीं पहुंची है सिनेमा एक ऐसा माध्यम है जिसके जरिए हमारे सामने ऐसी कुछ कहानियां देखने को मिल जाती हैं ऐसे ही बहुत सारी कहानियों में से एक फिल्म रिलीज होने जा रही है जिसका नाम है भुज द प्राइड ऑफ इंडिया जिसमें भारतीय जवानों और गुजरात धरती पर पैदा हुई 300 से अधिक पैदा हुई थी महिलाओं की कहानी बताई गई है

Bhuj The Pride Of India Real Story

भारत एक ऐसा देश है जिसने पिछले 10000 सालों में कभी भी किसी देश पर हमला नहीं किया परंतु कुछ भ्रष्टाचारी नेताओं ने भारत की जनता को भड़का कर एक अलग देश की मांग की जिसकी वजह से कुछ नेताओं ने देश के तीन टुकड़े कर दिए जो कि थे पाकिस्तान, भारत और East पाकिस्तान और ऐसी गलती का नतीजा भारत आज तक भुगत रहा है पाकिस्तान बार-बार हमारे देश पर हमला करता रहा है और वापस अपने बिल में जाकर छुप जाता है

1971 में भारत पाकिस्तान का युद्ध छिड़ गया और पाकिस्तान से ईस्ट पाकिस्तान को आजाद करा कर बांग्लादेश का निर्माण किया गया यह कहानी है इसी युद्ध में गुजरात बॉर्डर पर भुज नामक स्थान की कहानी है Bhuj – The Pride Of India

निष्कर्ष

इस ब्लॉग में हमने आपको बताया कि रणछोड़ दास राबरी कौन थे और उन्हें फागी क्यों कहा जाता था और उनके बारे में जुड़े हर जानकारी हमने आपके प्रदान की हम कह सकते हैं कि हमने आपको Ranchod Das Rabari Biography के बारे में बताया अगर ईश्वर आपको सवाल है तो आप नीचे हमसे कमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं